बी.टेक स्टूडेंट JU में चोरी करते रंगे हाथ पकड़ा

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन में बी.टेक किए हुए एक युवक को सीसीटीवी पर लाइव चोरी करते पकड़ा गया। आरोपी रजित पुत्र प्रवीण भटनागर पहले भी दो बार चोरी कर चुका था। बुधवार को एक बार फिर जब उसने परीक्षा देने आए छात्रों का बैग/लेडीज पर्स चुराकर अपने बैग में रखा, सीसीटीवी से नजारा देख रहे कर्मचारियों ने उसे धर-दबोचा। वहीं जब जेयू अधिकारियों को जब मौके पर कर्मचारियों व शिक्षकों ने बुलाया तो अपनी व्यस्तता का बहाना बनाकर मौके से खिसक लिए। रात 8.30 बजे तक किसी ने भी पुलिस प्रकरण दर्ज नहीं करया है। बिना प्रकरण दर्ज किए छात्र को थाने पर बैठाए पुलिस अधिकारियों के इस रवैये से अलग परेशान रही।
जीवाजी विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन में इन दिनों बीएड चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं दोपहर 2 से 5 बजे की पाली में चल रहीं है। यहां परीक्षा के लिए आने वाले छात्रों का सामान पिछले कई दिनों से चोरी हो रहा था। 6 मई को रायसेन के एक छात्र व 8 मई को दो छात्राओं के बैग चोरी हो चुके थे। यही कारण था कि बुधवार को परीक्षा के दौरान यहां के सुरक्षा कर्मी व गार्ड चोर को पकड़ने की तांक में पूरी तैयारी के साथ बैठे थे। 6 व 8 मई को तीन चोरियों में पुलिस थाने में छात्र व छात्राओं ने प्रकरण दर्ज करा दिया था जेयू कर्मचारी मनीष गौड़ व दलवीर सिंह सीसीटीवी पर निगरानी के लिए बैठे। तय किया कि वह जैसे ही किसी संदिग्ध को देखेंगे, पहली मंजिल पर बैठे गार्ड बच्चू सिंह को एलर्ट करेंगे,वह आरोपी को पकड़ेगा। इसके साथ ही अन्य गार्डों को 6 व 8 मई को चोरी करने वाले युवक की फोटो भी निकाल कर दे दी गई थी।
रजित भटनागर बीएड के अन्य विद्यार्थियों के साथ परीक्षा भवन में ऐसे घुसा, जैसे उसे भी परीक्षा देनी हो। यहां अन्य छात्रों की तरह अपने साथ लाए गए बैग को रैक में रखा। परीक्षा शुरू होने से पहले ही ठीक 1.38 बजे वह वापस जाने लगा । जाते समय उसने अपने खाली बैग में एक छात्रा का पर्स रखने लगा। उसकी यह हरकर जेयू कर्मचारियों ने सीसीटीवी पर देख ली। फौरन ही गार्डों ने पकड़ लिया।
नशे की हालत में था युवक
पकड़ा गया रजित भटनागर नशे की हालत में था। पुलिस ओर प्रोक्टोरियल बोर्ड को उसने बताया कि उसकी शादी 16 जनवरी को हुई है। एमपीसीटी कॉलेज से ब़ी.टैक किया है। बी.टैक करने के बाद भी चोरी क्यों कर रहा है? इसका कोई जवाब नहीं दिया। फिलहाल पुलिस ने उसे विश्वविद्यालय थाने में लाकर बैठा दिया है। खास बात यह रही कि गार्ड ने एफआईआर दर्ज कराने से इंकार कर दिया। प्रोक्टोरियल बोर्ड के सदस्य दूसरे कॉलेज में निरीक्षण की बात कहकर निकल गए।
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