कॉलोनी विकास की प्रक्रिया को आम आदमी और बिल्डर के लिये सरल बनायें: जयवर्द्धन

कॉलोनी विकास की प्रक्रिया को आम आदमी और बिल्डर के लिये सरल बनायें। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिये सिंगल विण्डो सिस्टम लागू करें। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने यह बात ‘कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र” विषय पर आयोजित कार्यशाला में कही। श्री सिंह ने कहा कि कार्यशाला में की गयी चर्चा के निष्कर्षों के आधार पर कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी करने के नियमों का सरलीकरण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस पर समग्रता से विचार किया जायेगा। कार्यशाला में 21 विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र का सरलीकरण जरूरी – डिसा
भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष अंटोनी डिसा ने कहा कि शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में कॉलोनी विकास के कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र का सरलीकरण तथा एकीकृत किया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रमाण-पत्र समय पर, आसानी से और यथार्थपरक होने से आवंटी और बिल्डर के हितों का संरक्षण होता है। उन्होंने रेरा द्वारा किये गये कार्यों की जानकारी भी दी।
अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती गौरी सिंह ने कहा कि आवंटी के हित के साथ ही एकीकृत विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने आशय शुल्क के उचित और समय पर उपयोग पर विचार रखे। प्रमुख सचिव, वाणिज्यिक कर मनु श्रीवास्तव ने कहा कि कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी करने के नियमों में संशोधन करते समय शासन के हितों का ध्यान रखा जाना भी आवश्यक है। प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे ने कहा कि आवंटी तथा बिल्डर की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र के नियमों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिये कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला में आये सुझावों के आधार पर बिल्डरों की अधिकांश समस्याओं का हल निकालने के प्रयास किये जायेंगे। संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश श्री राहुल जैन ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी। कार्यशाला में डीम्ड परमीशन, ऑनलाइन परमीशन, रजिस्ट्रेशन शुल्क सहित अन्य बिन्दुओं पर चर्चा हुई। कार्यशाला में आयुक्त, नगरीय विकास पी. नरहरि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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